सच्ची खुशी कैसे मिलती है?

सच्ची खुशी तब मिलती है जब सुख और दुख एक हो जाते हैं। जब हम सुख-दुख के भेद को मिटा देते हैं, तब आनंद की अनुभूति होती है। दुख को स्वीकार करना और उसे पहचानना जरूरी है, क्योंकि अचानक उसका चला जाना हमें खालीपन का अनुभव कराता है। असली खुशी तब आती है जब हम इस जीवन के हर अनुभव को गहराई से जीते हैं।

— ओशो · Jyoti Se Jyoti Jale

उत्तर अनुक्रमित प्रवचनों के संग्रह से तैयार किए गए हैं और हर बार थोड़े भिन्न हो सकते हैं। यह चिंतन है, पेशेवर सलाह नहीं।